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अर्जुन सहायक परियोजना 2021 लाभ, योगदान | Arjun Sahayak Project in Hindi

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अर्जुन सहायक परियोजना 2021 (अप्लाई, ऑनलाइन पोर्टल, रजिस्ट्रेशन फॉर्म, स्टेटस, पात्रता, लाभ, योगदान, बजट, नहर, बांध) [Arjun Sahayak Project in Hindi] (Need, Benefit, Contribution, Status, Eligibility criteria, how to apply, Last Date, Toll free helpline Number, Official Website)

मार्च 2021 को ‘अर्जुन सहायक परियोजना’ का शुभारंभ किया गया, उत्तरप्रदेश सरकार योगी आदित्यनाथ जी ने योजना को पुन: शुरू करने की बात करते हुए इस योजना के फायदे बताये. यहाँ तक की मोहबा जिले में निरक्षण करते हुए उन्होंने कहा की जल्द ही यह कार्य पूरा होगा और अर्जुन सहायक परियोजना की मदद से किसानो को पानी की किल्लत से छुटकारा मिलेगा और लगभग 168 गांवों को पेयजल की प्रॉब्लम से छुटकारा मिलेगा. आइये जानते हैं की यह योजना क्या है और इस योजना की मदद से उत्तरप्रदेश के प्यासे गांवों को पानी कैसे मिलेगा. अर्जुन सहायक परियोजना का कार्य एक बार फिर से शुरू कर दिया गया है इस योजना में केंद्र सरकार और यूपी राज्य सरकार दोनों ही मिलकर खर्चा कर रही है. यदि अर्जुन सहायक परियोजना जैसे ही पूरी होगी, यूपी के अनेक किसानो को इसका लाभ प्राप्त होगा. इसलिए हमें यह पता होना चाहिए की यह परियोजना क्या है और इससे लोगों को लाभ कैसे होगा.

arjun sahayak project UP in hindi

Table of Contents

अर्जुन सहायक परियोजना 2021

योजना का नामअर्जुन सहायक परियोजना
प्रांरभ हुईसन 2009 में
शुरू किया गयाकेंद्र और यूपी सरकार के द्वारा
योजना का पुन:आरंभमार्च, 2021
पुन:आरंभ किया गयायूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा  
बजट2593.93 करोड़ रूपए
अंतिम तिथिदिसंबर, 2021 तक

अर्जुन सहायक परियोजना के बारे में

अर्जुन सहायक परियोजना केंद्र सरकार और यूपी सरकार द्वारा 2009 में शुरू करी गई थी, इस योजना का लक्ष्य था की यूपी की धसान नदी से एक नहर निकालकर मोहबा जिले के गाँवों तक पहुंचानी थी. लेकिन उस समय इस योजना के लिए बजट मात्र 806.5 करोड़ रूपए था. ऐसे में इस परियोजना का कार्य लगभग 45 प्रतिशत ही पूरा हो सका और 2015 में खत्म होने वाली यह परियोजना करीब अभी तक पूरी नहीं हो पाई. इसमें 71 किलोमीटर लम्बी नहर का निर्माण करके उसे तीन बांधों के साथ जोड़ते हुए  कबरई डेम तक लेजाना है. योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में यहाँ का दौरा किया और किसानो संबोधित करते हुए कहा ‘बहुत जल्द अर्जुन सहायक परियोजना’ पूरी होगी और मोहबा के किसानो को इसका पूरा फायदा मिलेगा.

अर्जुन सहायक परियोजना में केंद्र और यूपी सरकार का योगदान

जानकारी के अनुसार इस योजना में केंद्र सरकार 90 प्रतिशत खर्च का वहन करेगी, वहीं यूपी सरकार इस योजना में 10 प्रतिशत खर्च वहन करेगी. प्रदेश सरकार के अनुसार जल्द से जल्द इस योजना का कार्य पूरा किया जायेगा. नहर निर्माण कार्य पूरा होने पर है अब माइनर के लिए जमीन खरीदना बाकी है. ऐसे में प्रदेश सरकार किसानो से माइनर के लिए जमीन खरीद रही है. यदि यह योजना सफल होती है तो यूपी के मोहबा जिले की कायापलट हो जाएगी. यहाँ के किसानो को खेती के लिए अब तरसना नहीं पड़ेगा.

अर्जुन सहायक परियोजना की जरूरत क्यों पड़ी

अगर हम बात करें की अर्जुन सहायक योजना की जरूरत क्यों पड़ी तो हमें धसान नदी के बारें में जानना होगा. धसान नदी मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बेगमंज तहसील से निकलती है. यह बेतवा नदी की एक दाहिने किनारे की सहायक नदी है. इस नदी को दर्शान के नाम से भी जाना जाता है. प्रदेश सरकार ने 2009 में प्रस्ताव रखा की यदि इस नदी से एक नहर बना दी जाए और उत्तरप्रदेश के मोहबा, बांदा और हमीरपुर जिले के गांवों के अंदर से निकाली जाए तो इन गांवों की पानी की समस्या का हल हो जायेगा. एंव बारिश का पानी भी सही उपयोग किया जाएगा.

केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और इस ‘अर्जुन सहायक परियोजना’ का आरंभ 2009 में किया गया, कार्य परगति पर था पर बाद में यह कार्य अचानक से रुक गया. बांदा, हमीरपुर और मोहबा के लोग पानी के लिए अभी तक तरस रहे थे. चूँकि खेती और पीने के लिए पानी की आवश्यकता होती है और इन जिलों के गांवों में पानी की बहुत किल्लत है. ऐसे में उत्तरप्रदेश सरकार ने 11 मार्च 2021 को इस परियोजना को पुन: प्रांरभ किया है.

अर्जुन सहायक परियोजना का लाभ

  • 168 गांवों को इस परियोजना का लाभ मिलेगा.
  • उनकी पीने के पानी की समस्या खत्म होगी और सभी गांवो को शुद्ध जल प्राप्त होगा.
  • 1.5 लाख से ज्यादा किसानो को इस परियोजना का लाभ मिलेगा.
  • बांदा, मोहबा और हमीरपुर के लोगों को खेती करने में आसानी होगी.
  • बारिश के पानी का सही उपयोग होगा.
  • नहर निर्माण से पानी को सही तरह से उपयोग किया जाएगा.
  • तीन बांधों को जोड़कर पानी का स्तर बढाया जाएगा, इसकी मदद से अन्य क्षेत्र के किसानो को भी लाभ होगा उन्हें भी पानी सही मात्रा में खेती के लिए प्राप्त होगा.
  • किसानो को इस परियोजना से एक उम्मीद है.
  • इस योजना से 15000 हेक्टर भूमि की सिंचाई संभव होगी.

अर्जुन सहायक परियोजना कब होगी पूरी

योगी आदित्यनाथ ने 11 मार्च 2021 को योजना को पुन:प्रारंभ करते हुए कहा की परियोजना का जितना भी कार्य रुका हुआ है वह दो महीने में पूरा करने की कोशिश करी जायेगी. कार्य पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री जी द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा. उम्मीद है की यह दिसंबर 2021 तक पूरी तरह से सुचारू हो जायेगी.

यहाँ हमने अर्जुन सहायक परियोजना के बारें में जानकारी दी है, अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताएं. यदि आप भी यूपी के इन क्षेत्रों से है तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर करें, ताकि उन्हें भी इस परियोजना की पूरी जानकारी मिल पाए.

FAQ

Q : अर्जुन सहायक परियोजना यूपी के कौनसे क्षेत्र में शुरू करी गई है ?

ANS : यूपी के मोहबा, बांदा और हमीरपुर क्षेत्र में इस परियोजना को शुरू किया गया है.

Q : अर्जुन सहायक परियोजना का बजट कितना है ?

ANS : 2593.93 करोड़ रूपए है.

Q : अर्जुन सहायक परियोजना के तहत कितने किलोमीटर नहर बनाई जा रही है ?

ANS : करीब 71 किलोमीटर जो की धसान नदी से जुड़ी होगी.

Q : अर्जुन सहायक परियोजना में योगी आदित्यनाथ का क्या योगदान है ?

ANS : यह परियोजन 2009 में शुरू हुई थी, लेकिन बजट कम होने की वजह से इसका कार्य पूरा नहीं हो पाया था. इस बार 11 मार्च 2021 को इस परियोजना को योगी आदित्यनाथ ने दोबारा शुरू किया है.

Q : इस परियोजना के माध्यम से कितने हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव है ?

ANS : 15000 हेक्टेयर भूमि सिंचाई संभव है.

Q : नहर निर्माण एंव माइनर कब तक बनकर तैयार हो जायेंगे ?

ANS : योगी आदित्यनाथ के अनुसार दो महीने में माइनर का काम पूरा हो जाएगा, दिसंबर तक प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा.

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